सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3281

नंबर 3281किताब 47, नंबर 333
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، وَابْنُ أَبِي رِزْمَةَ، وَأَبُو نُعَيْمٍ عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏(‏ ما كَذَبَ الْفُؤَادُ مَا رَأَى ‏)‏ قَالَ رَآهُ بِقَلْبِهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏
Narrated 'Ikrimah:that Ibn 'Abbas said (regarding the Ayah): The heart lied not in what he (ﷺ) saw (53:11). He said: "He saw Him with his heart
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।