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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3279

नंबर 3279किताब 47, नंबर 331
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ نَبْهَانَ بْنِ صَفْوَانَ الْبَصْرِيُّ الثَّقَفِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ كَثِيرٍ الْعَنْبَرِيُّ أَبُو غَسَّانَ، حَدَّثَنَا سَلْمُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنِ الْحَكَمِ بْنِ أَبَانَ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ رَأَى مُحَمَّدٌ رَبَّهُ ‏.‏ قُلْتُ أَلَيْسَ اللَّهُ يَقُولُ ‏:‏ ‏(‏ لا تُدْرِكُهُ الأَبْصَارُ وَهُوَ يُدْرِكُ الأَبْصَارَ ‏)‏ قَالَ وَيْحَكَ ذَاكَ إِذَا تَجَلَّى بِنُورِهِ الَّذِي هُوَ نُورُهُ وَقَدْ رَأَى مُحَمَّدٌ رَبَّهُ مَرَّتَيْنِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Narrated 'Ikrimah:that Ibn 'Abbas said: "Muhammad saw his Lord." I said: "Did Allah not say: No vision can grasp Him, but He grasps all vision (6:103). He said: "Woe unto you! That is when He manifests His Light. But Muhammad saw his Lord two times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।