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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3272

नंबर 3272किताब 47, नंबर 324
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا شَيْبَانُ، عَنْ قَتَادَةَ، حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ، أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَزَالُ جَهَنَّمُ تَقُولُ هَلْ مِنْ مَزِيدٍ حَتَّى يَضَعَ فِيهَا رَبُّ الْعِزَّةِ قَدَمَهُ فَتَقُولُ قَطْ قَطْ وَعِزَّتِكَ وَيُزْوَى بَعْضُهَا إِلَى بَعْضٍ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَفِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏
Narrated Anas bin Malik:that Allah's Prophet (ﷺ) said: "Jahannam will continue saying: 'Are there any more' until the Might Lord puts His Foot over it. It will say: 'Enough! Enough! By Your Might.' And one side of it will close in on the other
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।