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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3213

नंबर 3213किताब 47, नंबर 265
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْفَضْلِ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ نَزَلَتْ هَذِهِ الآيَةُ فِي زَيْنَبَ بِنْتِ جَحْشٍ ‏:‏ ‏(‏فلَمَّا قَضَى زَيْدٌ مِنْهَا وَطَرًا زَوَّجْنَاكَهَا ‏)‏ قَالَ فَكَانَتْ تَفْتَخِرُ عَلَى أَزْوَاجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم تَقُولُ زَوَّجَكُنَّ أَهْلُكُنَّ وَزَوَّجَنِي اللَّهُ مِنْ فَوْقِ سَبْعِ سَمَوَاتٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Anas:"When this Ayah was revealed about Zainab bint Jahsh: 'So when Zaid had completed his aim with her, We gave her to you in marriage (33:37)' - he said: "She used to boast to the wives of the Prophet (ﷺ): 'Your families married you (to him) while Allah married me (to him) from above the Seven Heavens
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।