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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3210

नंबर 3210किताब 47, नंबर 262
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ قَزَعَةَ، - بَصْرِيٌّ - حَدَّثَنَا مَسْلَمَةُ بْنُ عَلْقَمَةَ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ، عَنْ عَامِرٍ الشَّعْبِيِّ، فِي قَوْلِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ ‏:‏ ‏(‏ ما كَانَ مُحَمَّدٌ أَبَا أَحَدٍ مِنْ رِجَالِكُمْ ‏)‏ قَالَ مَا كَانَ لِيَعِيشَ لَهُ فِيكُمْ وَلَدٌ ذَكَرٌ ‏.‏
Narrated Dawud bin Abi Hind:from Ash-Sha'bi regarding the saying of Allah [the Mighty and Sublime]: 'Muhammad is not the father of any one of your men (33:40)' he said: "No male children of his would live among them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif MaqtuAhmad Muhammad Shakir
  • Daif MaqtuAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।