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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3196

नंबर 3196किताब 47, नंबर 248
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي زِيَادٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الأُوَيْسِيُّ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ بِلاَلٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ هَذِهِ الآيَةَ ‏:‏ ‏(‏ تتَجَافَى، جُنُوبُهُمْ عَنِ الْمَضَاجِعِ، ‏)‏ نَزَلَتْ فِي انْتِظَارِ هَذِهِ الصَّلاَةِ الَّتِي تُدْعَى الْعَتَمَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Anas bin Malik said about this Ayah:Their sides forsake their beds (32:16) - "It was revealed about waiting for [this] Salat which you call Al-'Atamah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।