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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3164

नंबर 3164किताब 47, नंबर 216
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُوسَى الأَشْيَبُ، بَغْدَادِيٌّ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ دَرَّاجٍ، عَنْ أَبِي الْهَيْثَمِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْوَيْلُ وَادٍ فِي جَهَنَّمَ يَهْوِي فِيهِ الْكَافِرُ أَرْبَعِينَ خَرِيفًا قَبْلَ أَنْ يَبْلُغَ قَعْرَهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ مَرْفُوعًا إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ لَهِيعَةَ ‏.‏
Narrated Abu Sa'eed:that the Prophet (ﷺ) said: "Woe is the valley of Jahannam, the disbeliever shall drop into it for forty autumns before he reaches its bottom
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।