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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3150

नंबर 3150किताब 47, नंबर 202
حَدَّثَنَا أَبُو حَفْصٍ، عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا أَبُو قُتَيْبَةَ، سَلْمُ بْنُ قُتَيْبَةَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْجَبَّارِ بْنُ الْعَبَّاسِ الْهَمْدَانِيُّ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ أُبَىِّ بْنِ كَعْبٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْغُلاَمُ الَّذِي قَتَلَهُ الْخَضِرُ طُبِعَ يَوْمَ طُبِعَ كَافِرًا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:that Ubayy bin Ka'b narrated that the Prophet (ﷺ) said: "The boy that Al-Khidr killed was destined to be a disbeliever the day he was created
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।