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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3121

नंबर 3121किताब 47, नंबर 173
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ مَسْرُوقٍ، قَالَ تَلَتْ عَائِشَةُ هَذِهِ الآيَةَ ‏:‏ ‏(‏ يَوْمَ تُبَدَّلُ الأَرْضُ غَيْرَ الأَرْضِ ‏)‏ قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَأَيْنَ يَكُونُ النَّاسُ قَالَ ‏"‏ عَلَى الصِّرَاطِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ هَذَا الْوَجْهِ عَنْ عَائِشَةَ ‏.‏
Narrated Masruq:"'Aishah recited this Ayah: The Day when the earth will be changed to another earth (14:48). She said: 'O Messenger of Allah! Where will the people be?' He said: 'Upon the Sirat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।