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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3071

नंबर 3071किताब 47, नंबर 123
حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ وَكِيعٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عَطِيَّةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي قَوْلِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّْ ‏:‏ ‏(‏أَوْ يَأْتِيَ بَعْضُ آيَاتِ رَبِّكَ ‏)‏ قَالَ "طُلُوعُ الشَّمْسِ مِنْ مَغْرِبِهَا" ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَرَوَاهُ بَعْضُهُمْ وَلَمْ يَرْفَعْهُ ‏.‏
Narrated 'Atiyyah:from Abu Sa'eed, from the Prophet (ﷺ), regarding the saying of Allah, Most High: Or some of the Signs of your Lord come (6:158). He (ﷺ) said: "The sun's rising from its setting place
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।