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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3041

नंबर 3041किताब 47, नंबर 93
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ مِغْوَلٍ، عَنْ أَبِي السَّفَرِ، عَنِ الْبَرَاءِ، قَالَ آخِرُ آيَةٍ أُنْزِلَتْ أَوْ آخِرُ شَيْءٍ نَزَلَ ‏:‏ ‏(‏ يَسْتَفْتُونَكَ قُلِ اللَّهُ يُفْتِيكُمْ فِي الْكَلاَلَةِ ‏)‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ وَأَبُو السَّفَرِ اسْمُهُ سَعِيدُ بْنُ أَحْمَدَ الثَّوْرِيُّ وَيُقَالُ ابْنُ يُحْمِدَ ‏.‏
Narrated Al-Bara:"The last Ayah revealed" or, "The last thing revealed was: They ask you about a legal verdict. Say: 'Allah directs (thus) regarding Al-Kalalah (4:)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।