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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2978

नंबर 2978किताब 47, नंबर 30
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ ‏.‏ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ، سَمِعَ جَابِرًا، يَقُولُ كَانَتِ الْيَهُودُ تَقُولُ مَنْ أَتَى امْرَأَتَهُ فِي قُبُلِهَا مِنْ دُبُرِهَا كَانَ الْوَلَدُ أَحْوَلَ فَنَزَلَتْ ‏:‏ ‏(‏نِسَاؤُكُمْ حَرْثٌ لَكُمْ فَأْتُوا حَرْثَكُمْ أَنَّى شِئْتُمْ ‏)‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Jabir:"The Jews would say: "Whoever goes into his wife's vagina from behind her, then his children will be cross-eyed.' So Allah revealed: Your wives are a tilth for your, so go to your tilth when or how you will (2:)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।