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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2929

नंबर 2929किताब 46, नंबर 3
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي عَلِيِّ ابْنِ يَزِيدَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَرَأَ‏(‏أَنَّ النَّفْسَ بِالنَّفْسِ وَالْعَيْنُ بِالْعَيْنِ ‏)‏ حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏ وَأَبُو عَلِيِّ بْنُ يَزِيدَ هُوَ أَخُو يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏ قَالَ مُحَمَّدٌ تَفَرَّدَ ابْنُ الْمُبَارَكِ بِهَذَا الْحَدِيثِ عَنْ يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ وَهَكَذَا قَرَأَ أَبُو عُبَيْدٍ ‏(‏ وَالْعَيْنُ بِالْعَيْنِ ‏)‏ اتِّبَاعًا لِهَذَا الْحَدِيثِ ‏.‏
Narrated Anas bin Malik:"The Prophet (ﷺ) would recite: 'Anin-nafsu Bin-Nafsi Wal-'Ainu Bil-'Aini'" (From 5:)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · Chapters on Recitation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।