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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2889

नंबर 2889किताब 45, नंबर 15
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْكُوفِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ حُبَابٍ، عَنْ هِشَامٍ أَبِي الْمِقْدَامِ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ قَرَأَ حم الدُّخَانَ فِي لَيْلَةِ الْجُمُعَةِ غُفِرَ لَهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَهِشَامٌ أَبُو الْمِقْدَامِ يُضَعَّفُ وَلَمْ يَسْمَعِ الْحَسَنُ مِنْ أَبِي هُرَيْرَةَ هَكَذَا قَالَ أَيُّوبُ وَيُونُسُ بْنُ عُبَيْدٍ وَعَلِيُّ بْنُ زَيْدٍ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Whoever recites Ha Mum Ad-Dukhan during Friday night, he shall be forgiven
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · Chapters on The Virtues of the Qur'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।