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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2864

नंबर 2864किताब 44, नंबर 6
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ‏ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ الطَّيَالِسِيُّ، قَالَ‏ حَدَّثَنَا أَبَانُ بْنُ يَزِيدَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ سَلاَّمٍ، عَنْ أَبِي سَلاَّمٍ، عَنِ الْحَارِثِ الأَشْعَرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَأَبُو سَلاَّمٍ الْحَبَشِيُّ اسْمُهُ مَمْطُورٌ وَقَدْ رَوَاهُ عَلِيُّ بْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ ‏.‏
(Another chain) with similar in meaning
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · Chapters on Parables

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।