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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2791

नंबर 2791किताब 43, नंबर 64
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَلِيفَةَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ، - بَصْرِيٌّ - وَعَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالاَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ حَجَّاجٍ الصَّوَّافِ، عَنْ حَنَانٍ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا أُعْطِيَ أَحَدُكُمُ الرَّيْحَانَ فَلاَ يَرُدَّهُ فَإِنَّهُ خَرَجَ مِنَ الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَلاَ نَعْرِفُ حَنَانًا إِلاَّ فِي هَذَا الْحَدِيثِ وَأَبُو عُثْمَانَ النَّهْدِيُّ اسْمُهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مُلٍّ وَقَدْ أَدْرَكَ زَمَنَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَلَمْ يَرَهُ وَلَمْ يَسْمَعْ مِنْهُ ‏.‏
Narrated Abu 'Uthman An-Nahdi:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'When one of you is given some fragrance then do not refuse it, for indeed it comes from Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।