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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2786

नंबर 2786किताब 43, नंबर 58
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ، عَنْ ثَابِتِ بْنِ عِمَارَةَ الْحَنَفِيِّ، عَنْ غُنَيْمِ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ أَبِي مُوسَى، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ كُلُّ عَيْنٍ زَانِيَةٌ وَالْمَرْأَةُ إِذَا اسْتَعْطَرَتْ فَمَرَّتْ بِالْمَجْلِسِ فَهِيَ كَذَا وَكَذَا يَعْنِي زَانِيَةً ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Abu Musa:that the Prophet (ﷺ) said: "Every eye commits adultery, and when the woman uses perfume and she passes by a gathering, then she is like this and that.'" Meaning an adulteress
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।