सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2783

नंबर 2783किताब 43, नंबर 54
حَدَّثَنَا سُوَيْدٌ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَعَنَ اللَّهُ الْوَاصِلَةَ وَالْمُسْتَوْصِلَةَ وَالْوَاشِمَةَ وَالْمُسْتَوْشِمَةَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ نَافِعٌ الْوَشْمُ فِي اللِّثَةِ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَائِشَةَ وَمَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ وَأَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ وَابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏
Narrated Ibn 'Umar:that the Prophet (ﷺ) said: "Allah's curse is upon the woman who lengthens hair and the women who seeks to have her hair lengthened, and the woman who tattoos and the woman who seeks to have her herself tattooed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।