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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2770

नंबर 2770किताब 43, नंबर 40
حَدَّثَنَا عَبَّاسُ بْنُ مُحَمَّدٍ الدُّورِيُّ الْبَغْدَادِيُّ، حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ الْكُوفِيُّ، أَخْبَرَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم مُتَّكِئًا عَلَى وِسَادَةٍ عَلَى يَسَارِهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَرَوَى غَيْرُ وَاحِدٍ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ إِسْرَائِيلَ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم مُتَّكِئًا عَلَى وِسَادَةٍ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ عَلَى يَسَارِهِ ‏.‏
Narrated Jabir bin Samurah:"I saw the Messenger of Allah (ﷺ) reclining upon as pillow, on his left side
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।