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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2763

नंबर 2763किताब 43, नंबर 33
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلاَّلُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَحْفُوا الشَّوَارِبَ وَأَعْفُوا اللِّحَى ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Ibn 'Umar:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Trim the mustache and leave the beard to grow
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।