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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2716

नंबर 2716किताब 42, नंबर 29
حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ حَمَّادٍ الْبَصْرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَتَبَ قَبْلَ مَوْتِهِ إِلَى كِسْرَى وَإِلَى قَيْصَرَ وَإِلَى النَّجَاشِيِّ وَإِلَى كُلِّ جَبَّارٍ يَدْعُوهُمْ إِلَى اللَّهِ وَلَيْسَ بِالنَّجَاشِيِّ الَّذِي صَلَّى عَلَيْهِ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Anas bin Malik:"Before he died, the Messenger of Allah (ﷺ) had written to Kisra, Ceasar, An-Najashi, and to every tyrant calling them to Allah. This An-Najashi is not the one that the Prophet (ﷺ) performed to the funeral Salat for
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Chapters on Seeking Permission

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।