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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2705

नंबर 2705किताब 42, नंबर 18
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَنْبَأَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ، أَخْبَرَنِي أَبُو هَانِئٍ، اسْمُهُ حُمَيْدُ بْنُ هَانِئٍ الْخَوْلاَنِيُّ عَنْ أَبِي عَلِيٍّ الْجَنْبِيِّ، عَنْ فَضَالَةَ بْنِ عُبَيْدٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يُسَلِّمُ الْفَارِسُ عَلَى الْمَاشِي وَالْمَاشِي عَلَى الْقَائِمِ وَالْقَلِيلُ عَلَى الْكَثِيرِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَبُو عَلِيٍّ الْجَنْبِيُّ اسْمُهُ عَمْرُو بْنُ مَالِكٍ ‏.‏
Narrated Fadalah bin 'Ubaid:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "The horseman gives Salam to the walking person, the walking person to the one standing and the few to the many
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Chapters on Seeking Permission

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।