सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2702

नंबर 2702किताब 42, नंबर 15
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، أَنَّ أُسَامَةَ بْنَ زَيْدٍ، أَخْبَرَهُ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم مَرَّ بِمَجْلِسٍ وَفِيهِ أَخْلاَطٌ مِنَ الْمُسْلِمِينَ وَالْيَهُودِ فَسَلَّمَ عَلَيْهِمْ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Usamah bin Zaid:that the Prophet (ﷺ) passed by a gathering in which the Muslims and the Jews were mixed, so he gave the Salam to them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Chapters on Seeking Permission

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।