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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2698

नंबर 2698किताब 42, नंबर 11
حَدَّثَنَا أَبُو حَاتِمٍ الْبَصْرِيُّ الأَنْصَارِيُّ، مُسْلِمُ بْنُ حَاتِمٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الأَنْصَارِيُّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، قَالَ قَالَ أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا بُنَىَّ إِذَا دَخَلْتَ عَلَى أَهْلِكَ فَسَلِّمْ يَكُونُ بَرَكَةً عَلَيْكَ وَعَلَى أَهْلِ بَيْتِكَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Anas:"The Messenger of Allah (ﷺ) said to me: 'O my little son! When you enter upon your family then give the Salam, it will be a blessing for you and upon the inhabitants of your house
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Chapters on Seeking Permission

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।