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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2684

नंबर 2684किताब 41, नंबर 40
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا خَلَفُ بْنُ أَيُّوبَ الْعَامِرِيُّ، عَنْ عَوْفٍ، عَنِ ابْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَصْلَتَانِ لاَ تَجْتَمِعَانِ فِي مُنَافِقٍ حُسْنُ سَمْتٍ وَلاَ فِقْهٌ فِي الدِّينِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَلاَ نَعْرِفُ هَذَا الْحَدِيثَ مِنْ حَدِيثِ عَوْفٍ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ هَذَا الشَّيْخِ خَلَفِ بْنِ أَيُّوبَ الْعَامِرِيِّ وَلَمْ أَرَ أَحَدًا يَرْوِي عَنْهُ غَيْرَ أَبِي كُرَيْبٍ مُحَمَّدِ بْنِ الْعَلاَءِ وَلاَ أَدْرِي كَيْفَ هُوَ
Narrated Abu Hurairah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Two things will not be together in a hypocrite: Good manners, and Fiqh in the religion
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Chapters on Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।