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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2648

नंबर 2648किताब 41, नंबर 4
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ الرَّازِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُعَلَّى، حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ خَيْثَمَةَ، عَنْ أَبِي دَاوُدَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَخْبَرَةَ، عَنْ سَخْبَرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ طَلَبَ الْعِلْمَ كَانَ كَفَّارَةً لِمَا مَضَى ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ ضَعِيفُ الإِسْنَادِ ‏.‏ أَبُو دَاوُدَ يُضَعَّفُ وَلاَ نَعْرِفُ لِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَخْبَرَةَ كَبِيِرَ شَيْءٍ وَلاَ لأَبِيهِ وَاسْمُ أَبِي دَاوُدَ نُفَيْعٌ الأَعْمَى تَكَلَّمَ فِيهِ قَتَادَةُ وَغَيْرُ وَاحِدٍ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏
Narrated 'Abdullah bin Sakhbarah:narrated that the Prophet (ﷺ) said: "Whoever seeks knowledge, he is atoning for what has passed (of sins while doing so)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MawduAhmad Muhammad Shakir
  • MawduAl-Albani
  • DaifBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Chapters on Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।