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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2628

नंबर 2628किताब 40, नंबर 23
حَدَّثَنَا بِذَلِكَ إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ بُرَيْدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ جَدِّهِ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ أَبِي مُوسَى الأَشْعَرِيِّ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم سُئِلَ أَىُّ الْمُسْلِمِينَ أَفْضَلُ قَالَ ‏ "‏ مَنْ سَلِمَ الْمُسْلِمُونَ مِنْ لِسَانِهِ وَيَدِهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ أَبِي مُوسَى الأَشْعَرِيِّ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم
Narrated Abu Musa Al-Ash'ari:that the Prophet (ﷺ) was asked: "Which of the Muslims is most virtuous?" He said: "The one from (the harm of) whose tongue and hand (other) Muslims are safe
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book on Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।