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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2618

नंबर 2618किताब 40, नंबर 13
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، وَأَبُو مُعَاوِيَةَ عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ بَيْنَ الْكُفْرِ وَالإِيمَانِ تَرْكُ الصَّلاَةِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir:that the Prophet (ﷺ) said: "Between disbelief and faith is abandoning the Salat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book on Faith

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।