सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 518

नंबर 518किताब 4, नंबर 31
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلاَّلُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ لَقَدْ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم بَعْدَ مَا تُقَامُ الصَّلاَةُ يُكَلِّمُهُ الرَّجُلُ يَقُومُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ الْقِبْلَةِ فَمَا يَزَالُ يُكَلِّمُهُ فَلَقَدْ رَأَيْتُ بَعْضَنَا يَنْعَسُ مِنْ طُولِ قِيَامِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم لَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Anas narrated:"I saw the Prophet, after the Iqamah was called for Salat, talking to a man who was standing between him and the Qiblah, he did not stop talking, and I saw some of them getting sleepy from his lengthy standing the Prophet
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book on the Day of Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।