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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 504

नंबर 504किताब 4, नंबर 17
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ الطَّيَالِسِيُّ، حَدَّثَنَا فُلَيْحُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَنَسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الأَكْوَعِ وَجَابِرٍ وَالزُّبَيْرِ بْنِ الْعَوَّامِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَهُوَ الَّذِي أَجْمَعَ عَلَيْهِ أَكْثَرُ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّ وَقْتَ الْجُمُعَةِ إِذَا زَالَتِ الشَّمْسُ كَوَقْتِ الظُّهْرِ ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَاقَ ‏.‏ وَرَأَى بَعْضُهُمْ أَنَّ صَلاَةَ الْجُمُعَةِ إِذَا صُلِّيَتْ قَبْلَ الزَّوَالِ أَنَّهَا تَجُوزُ أَيْضًا ‏.‏ وَقَالَ أَحْمَدُ وَمَنْ صَلاَّهَا قَبْلَ الزَّوَالِ فَإِنَّهُ لَمْ يَرَ عَلَيْهِ إِعَادَةً ‏.‏
(Another chain) from Anas, :from the Prophet, similarly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book on the Day of Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।