सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 495

नंबर 495किताब 4, नंबर 8
قَالَ وَحَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَخْبَرَنَا أَبُو صَالِحٍ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الْحَدِيثِ ‏.‏ وَرَوَى مَالِكٌ، هَذَا الْحَدِيثَ عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمٍ، قَالَ بَيْنَمَا عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ يَخْطُبُ يَوْمَ الْجُمُعَةِ ‏.‏ فَذَكَرَ هَذَا الْحَدِيثَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَسَأَلْتُ مُحَمَّدًا عَنْ هَذَا فَقَالَ الصَّحِيحُ حَدِيثُ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَالِمٍ عَنْ أَبِيهِ ‏.‏ قَالَ مُحَمَّدٌ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ مَالِكٍ أَيْضًا عَنِ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَالِمٍ عَنْ أَبِيهِ نَحْوُ هَذَا الْحَدِيثِ ‏.‏
(Another chain reaching to Az-Zuhri) with this Hadith.Malik reported this Hadith from Az-Zuhri, from Salim who said:"Umar [bin al-Khattab] was giving a Khutbah on Friday." And he mentioned this Hadith
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book on the Day of Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।