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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2795

नंबर 2795किताब 39, नंबर 19
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي النَّضْرِ، مَوْلَى عُمَرَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ زُرْعَةَ بْنِ مُسْلِمِ بْنِ جَرْهَدٍ الأَسْلَمِيِّ، عَنْ جَدِّهِ، جَرْهَدٍ قَالَ مَرَّ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِجَرْهَدٍ فِي الْمَسْجِدِ وَقَدِ انْكَشَفَ فَخِذُهُ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْفَخِذَ عَوْرَةٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ مَا أَرَى إِسْنَادَهُ بِمُتَّصِلٍ ‏.‏
Narrated Zur'ah bin Muslim bin Jardah Al-Aslami:about his grandfather Jarhad, he said: "The Prophet (ﷺ) passed by Jarhad in the Masjid and his thigh was exposed, so he said: 'Indeed the thigh is 'Awrah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book on the Description of Hellfire

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।