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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2577

नंबर 2577किताब 39, नंबर 5
حَدَّثَنَا عَبَّاسٌ الدُّورِيُّ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، أَخْبَرَنَا شَيْبَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ غِلَظَ جِلْدِ الْكَافِرِ اثْنَانِ وَأَرْبَعُونَ ذِرَاعًا وَإِنَّ ضِرْسَهُ مِثْلُ أُحُدٍ وَإِنَّ مَجْلِسَهُ مِنْ جَهَنَّمَ كَمَا بَيْنَ مَكَّةَ وَالْمَدِينَةِ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ الأَعْمَشِ ‏.‏
Abu Hurairah narrated that the Prophet (s.a.w) said:"Indeed a disbeliever's skin will be forty-two forearm lengths thick, his molar teeth will be like Uhud (mountain), and his sitting place in Hell will be like what is between Makkah and Al-Madinah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book on the Description of Hellfire

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।