अबू हुरैरा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "जहन्नम तथा जन्नत में तर्क-वितर्क हुआ, तो जन्नत ने कहा : मेरे भीतर केवल दुर्बल एवं निर्धन लोग ही प्रवेश करेंगे। जबकि जहन्नम ने कहा : मेरे भीतर ज़ालिम और घमंडी लोग प्रवेश करेंगे। यह सुन अल्लाह ने जहन्नम से कहा : तुम मेरी यातना हो, तुम्हारे माध्यम से मैं जिससे चाहता हूँ, इंतेक़ाम लेता हूँ, जबकि जन्नत से कहा : तुम मेरी दया हो, तुम्हारे माध्यम से मैं जिसपर चाहता हूँ, दया करता हूँ।"
जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।