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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2524

नंबर 2524किताब 38, नंबर 2
حَدَّثَنَا عَبَّاسٌ الدُّورِيُّ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، عَنْ شَيْبَانَ، عَنْ فِرَاسٍ، عَنْ عَطِيَّةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ فِي الْجَنَّةِ شَجَرَةٌ يَسِيرُ الرَّاكِبُ فِي ظِلِّهَا مِائَةَ عَامٍ لاَ يَقْطَعُهَا وَقَالَ ذَلِكَ الظِّلُّ الْمَمْدُودُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ أَبِي سَعِيدٍ ‏.‏
Abu Sa'eed Al-Khudri narrated that the Prophet (s.a.w) said:"In Paradise there is a tree, a rider will travel in its shade for a hundred years without reaching an end." He said: "And that is the extended shade
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 38 · Chapters on the description of Paradise

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।