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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2501

नंबर 2501किताब 37, नंबर 87
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَمْرٍو الْمُعَافِرِيِّ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ صَمَتَ نَجَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ لَهِيعَةَ ‏.‏ وَأَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيُّ هُوَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ ‏.‏
Abdullah bin 'Amr narrated that the Messenger of Allah (s.a.w) said:"Whoever is silent, he is saved
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Chapters on the description of the Day of Judgement, Ar-Riqaq, and Al-Wara'

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।