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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2474

नंबर 2474किताब 37, नंबर 60
حَدَّثَنَا أَبُو حَفْصٍ، عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَبَّاسٍ الْجُرَيْرِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا عُثْمَانَ النَّهْدِيَّ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ أَصَابَهُمْ جُوعٌ فَأَعْطَاهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم تَمْرَةً تَمْرَةً ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abu 'Uthman An-Nahdi narrated from Abu Hurairah that they (the Companions) were suffering from hunger so the Messenger of Allah (s.a.w) gave them each a date
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAhmad Muhammad Shakir
  • ShadhAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Chapters on the description of the Day of Judgement, Ar-Riqaq, and Al-Wara'

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।