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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2408

नंबर 2408किताब 36, नंबर 106
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الصَّنْعَانِيُّ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَلِيٍّ الْمُقَدَّمِيُّ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ يَتَكَفَّلُ لِي مَا بَيْنَ لَحْيَيْهِ وَمَا بَيْنَ رِجْلَيْهِ أَتَكَفَّلُ لَهُ بِالْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ سَهْلٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ ‏.‏
Sahl bin Sa'd narrated that the Messenger of Allah (s.a.w) said:"Whoever guarantees for me what is between his jaws and what is between his legs, I shall guarantee Paradise for him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Chapters On Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।