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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2379

नंबर 2379किताब 36, नंबर 76
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، هُوَ ابْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ الأَنْصَارِيُّ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَتْبَعُ الْمَيِّتَ ثَلاَثٌ فَيَرْجِعُ اثْنَانِ وَيَبْقَى وَاحِدٌ يَتْبَعُهُ أَهْلُهُ وَمَالُهُ وَعَمَلُهُ فَيَرْجِعُ أَهْلُهُ وَمَالُهُ وَيَبْقَى عَمَلُهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Anas bin Malik narrated that the Messenger of Allah (S.a.w) said:"Three follow the deceased, two of them return, and one remains. He is followed by his family, his wealth, and his deeds. So his family and his wealth returns, and his deeds remain
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Chapters On Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।