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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2348

नंबर 2348किताब 36, नंबर 45
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ مُحَمَّدٍ الدُّورِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي أَيُّوبَ، عَنْ شُرَحْبِيلَ بْنِ شَرِيكٍ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ قَدْ أَفْلَحَ مَنْ أَسْلَمَ وَكَانَ رِزْقُهُ كَفَافًا وَقَنَّعَهُ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abdullah bin 'Amr narrated that the Messenger of Allah (s.a.w) said:"He has succeeded who accepts Islam, and is provided with what is sufficient and is made content by Allah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Chapters On Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।