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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2282

नंबर 2282किताब 34, नंबर 13
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ عَبْدِ الأَعْلَى، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ السُّلَمِيِّ، عَنِ عَلِيٍّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَأَبِي شُرَيْحٍ وَوَاثِلَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا أَصَحُّ مِنَ الْحَدِيثِ الأَوَّلِ ‏.‏
(another chain) from Abu 'Abdur-Rahman As-Sulami who narrated from 'Ali from the Prophet with similar narrations. [He said:This narration is Hasan.] There are narration on this topic from Ibn 'Abbas, Abu Hurairah, Abu Shuraih and Wathilah bin Al-Asqa
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Chapters On Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।