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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2274

नंबर 2274किताब 34, नंबर 5
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ دَرَّاجٍ، عَنْ أَبِي الْهَيْثَمِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَصْدَقُ الرُّؤْيَا بِالأَسْحَارِ ‏"‏
Abu Sa'eed narrated that the Prophet (s.a.w) said:"The most truthful of dreams are in the last hours of the night
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Chapters On Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।