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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2269

नंबर 2269किताब 33, नंबर 112
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا رِشْدِينُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ الزُّهْرِيِّ، عَنْ قَبِيصَةَ بْنِ ذُؤَيْبٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ تَخْرُجُ مِنْ خُرَاسَانَ رَايَاتٌ سُودٌ لاَ يَرُدُّهَا شَيْءٌ حَتَّى تُنْصَبَ بِإِيلِيَاءَ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Abu Hurairah narrated that the Messenger of Allah(s.a.w) said:"Black standards will come from Khurasan, nothing shall turn them back until they are planted in Jerusalem
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Chapters On Al-Fitan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।