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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2256

नंबर 2256किताब 33, नंबर 99
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي مُوسَى، عَنْ وَهْبِ بْنِ مُنَبِّهٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ سَكَنَ الْبَادِيَةَ جَفَا وَمَنِ اتَّبَعَ الصَّيْدَ غَفَلَ وَمَنْ أَتَى أَبْوَابَ السَّلاَطِينِ افْتُتِنَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ عَبَّاسٍ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ الثَّوْرِيِّ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas, that the Prophet(s.a.w) said:"Whoever resides in the deserts, he becomes ignorant, whoever follows game, he becomes heedless, and whoever comes to the door of the Sultan, he will suffer a Fitnah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Chapters On Al-Fitan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।