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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2204

नंबर 2204किताब 33, नंबर 47
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، حَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ حَمَّادٍ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جُحَادَةَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ ثَرْوَانَ، عَنْ هُزَيْلِ بْنِ شُرَحْبِيلَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ فِي الْفِتْنَةِ ‏ "‏ كَسِّرُوا فِيهَا قِسِيَّكُمْ وَقَطِّعُوا فِيهَا أَوْتَارَكُمْ وَالْزَمُوا فِيهَا أَجْوَافَ بُيُوتِكُمْ وَكُونُوا كَابْنِ آدَمَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ ثَرْوَانَ هُوَ أَبُو قَيْسٍ الأَوْدِيُّ ‏.‏
Abu Musa narrated that the Prophet(s.a.w) said, about the Fitnah:"Break your bows during it, cut their strings and stick to the depths of your homes, and be like Adam's son
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Chapters On Al-Fitan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।