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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2193

नंबर 2193किताब 33, नंबर 36
حَدَّثَنَا أَبُو حَفْصٍ، عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا فُضَيْلُ بْنُ غَزْوَانَ، حَدَّثَنَا عِكْرِمَةُ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَرْجِعُوا بَعْدِي كُفَّارًا يَضْرِبُ بَعْضُكُمْ رِقَابَ بَعْضٍ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ وَجَرِيرٍ وَابْنِ عُمَرَ وَكُرْزِ بْنِ عَلْقَمَةَ وَوَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ وَالصُّنَابِحِيِّ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Ibn 'Abbas narrated that the Messenger of Allah(s.a.w) said:"Do not revert to disbelief after me, some of you striking the necks of others
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Chapters On Al-Fitan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।