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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2182

नंबर 2182किताब 33, नंबर 25
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ انْفَلَقَ الْقَمَرُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اشْهَدُوا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ وَأَنَسٍ وَجُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Ibn 'Umar said:"The moon split during the time of the Messenger of Allah(s.a.w), so the Messenger of Allah(s.a.w) said: 'Bear witness
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Chapters On Al-Fitan

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।