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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2142

नंबर 2142किताब 32, नंबर 10
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قال: حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ إِذَا أَرَادَ اللَّهُ بِعَبْدٍ خَيْرًا اسْتَعْمَلَهُ ‏"‏ ‏.‏ فَقِيلَ كَيْفَ يَسْتَعْمِلُهُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ ‏"‏ يُوَفِّقُهُ لِعَمَلٍ صَالِحٍ قَبْلَ الْمَوْتِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Anas narrated that the Messenger of Allah (s.a.w) said:"When Allah wants good for a slave, He puts him in action." It was said: "How does he put him in action O Messenger Of Allah?" He said: "By making him meet up with the righteous deeds before death
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters On Al-Qadar

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।