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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2122

नंबर 2122किताब 30, नंबर 7
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ الْهَمْدَانِيِّ، عَنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَلِيٍّ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَضَى بِالدَّيْنِ قَبْلَ الْوَصِيَّةِ وَأَنْتُمْ تَقْرَءُونَ الْوَصِيَّةَ قَبْلَ الدَّيْنِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ عَامَّةِ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّهُ يُبْدَأُ بِالدَّيْنِ قَبْلَ الْوَصِيَّةِ ‏.‏
Al-Harith narrated from 'Ali:"The Prophet (s.a.w) judged with the debt before the will, and you people recite the will before the debt
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Chapters On Wasaya (Wills and Testament)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।