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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2095

नंबर 2095किताब 29, नंबर 6
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، قال حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قال حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، عَنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّ أَعْيَانَ بَنِي الأُمِّ يَتَوَارَثُونَ دُونَ بَنِي الْعَلاَّتِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ أَبِي إِسْحَاقَ عَنِ الْحَارِثِ عَنْ عَلِيٍّ ‏.‏ وَقَدْ تَكَلَّمَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ فِي الْحَارِثِ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا الْحَدِيثِ عِنْدَ عَامَّةِ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏
Al-Harith narrated that 'Ali said:"The Messenger of Allah(S.A.W) judged that the children (sons and daughters) from the same mother and father inherit, not the sons from various mothers
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters On Inheritance

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।